🎭 भाग 2: एलन मस्क - पन्ने की खान, पिता का रसूख और 'शून्य से शुरुआत' का सबसे बड़ा झूठ
अक्सर एलन मस्क की कहानी यह कहकर सुनाई जाती है कि वह दक्षिण अफ्रीका से खाली हाथ अमेरिका आया और अपनी मेहनत से दुनिया का सबसे अमीर आदमी बना।
लेकिन जब आप इस कहानी की जड़ों को खोदेंगे, तो वहां पसीने की गंध नहीं, बल्कि एलीट क्लास के पैसे और पन्नों (Emeralds) की चमक मिलेगी।
1. पन्ने की खान और तिजोरियों में भरा पैसा
मस्क के पिता, एरोल मस्क (Errol Musk), कोई साधारण इंजीनियर नहीं थे। वे जाम्बिया में एक 'पन्ने की खान' (Emerald Mine) के आधे मालिक थे।
एरोल मस्क ने खुद एक इंटरव्यू में स्वीकार किया था कि उनके पास इतना पैसा था कि वे अपनी तिजोरी बंद नहीं कर पाते थे।
जब मस्क छोटा था, तो वह और उसका भाई अपनी जेबों में बेशकीमती पन्ने लेकर घूमते थे और उन्हें रसूखदार लोगों को बेच देते थे।
जिस लड़के के पीछे 'ब्लड एमराल्ड' का काला पैसा हो, वह "खाली हाथ" अमेरिका कैसे पहुँचा?
यह पूरी कहानी जनता की सहानुभूति बटोरने के लिए गढ़ी गई एक स्क्रिप्ट है।
2. Zip2: पहली कंपनी और Compaq का रहस्यमयी कनेक्शन
मस्क की पहली कंपनी Zip2 (ऑनलाइन सिटी गाइड) के लिए पैसा कहां से आया?
उसे अपने पिता से $28,000 मिले थे, जो उस वक्त एक बहुत बड़ी रकम थी।
खेल समझिए: 1999 में Compaq कंपनी ने Zip2 को 307 मिलियन डॉलर में खरीदा।
असली राज: Compaq उस वक्त कंप्यूटर जगत की दिग्गज थी और उसके बोर्ड में वही 'वेंचर कैपिटलिस्ट' बैठे थे जो एलीट ग्रुप (जैसे बिल्डरबर्ग और WEF) का हिस्सा थे।
Zip2 कोई क्रांतिकारी तकनीक नहीं थी, लेकिन मस्क के नाम के साथ 'सफलता' का टैग चिपकाने के लिए यह डील कराई गई।
मस्क की जेब में 22 मिलियन डॉलर इसलिए डाले गए ताकि वह भविष्य के बड़े "खिलाड़ी" के रूप में मार्केट में पेश किया जा सके।
3. Confinity, PayPal और 'पेपाल माफिया' का उदय
मस्क ने इसके बाद X.com बनाई, जो बाद में Confinity के साथ मिलकर PayPal बनी। यहाँ से मस्क का असली "एलीट" कनेक्शन शुरू होता है।
Confinity के मालिक:
यह कंपनी पीटर थियल (Peter Thiel) की थी। पीटर थियल कोई सामान्य बिजनेसमैन नहीं है, बल्कि वह Palantir जैसी कंपनी का मालिक है जो सीधे तौर पर CIA और NSA के लिए जासूसी और डेटा माइनिंग का काम करती है।
फंडिंग का राज: पेपाल में जो पैसा आया, वह Sequoia Capital जैसी फर्म्स से आया।
इन फर्म्स के पीछे वो एलीट परिवार हैं जो दुनिया की डिजिटल करेंसी और निगरानी प्रणाली को अपने हाथ में लेना चाहते थे।
4. मस्क को CEO पद से क्यों हटाया गया?
एक बहुत बड़ा सच यह है कि पेपाल के बोर्ड मेंबर्स ने मस्क को CEO पद से लात मारकर निकाल दिया था।
वजह थी, मस्क को टेक्निकल समझ बहुत कम थी और वह गलत फैसले ले रहा था।
जो आदमी अपनी पहली दो कंपनियों में 'टेक्निकल' अक्षमता के कारण निकाल दिया गया, वह अचानक से रॉकेट और इलेक्ट्रिक कारों का वैज्ञानिक कैसे बन गया?
2002 में eBay ने पेपाल को 1.5 बिलियन डॉलर में खरीदा। मस्क को यहाँ से 180 मिलियन डॉलर मिले।
यह पैसा उसकी मेहनत का नहीं, बल्कि उसकी 'एग्जिट फीस' थी ताकि वह एलीट क्लास के अगले चरण: SpaceX (निगरानी) और Tesla (कंट्रोल) में प्रवेश कर सके।
5. मस्क का माँ (Maye Musk) का रहस्यमयी कनेक्शन
मस्क की माँ, माये मस्क, दशकों से एलीट फैशन और हाई-सोसायटी का हिस्सा रही हैं।
उनके फोटो शूट्स में अक्सर 'All-Seeing Eye' और 'एक आँख ढकने' जैसे इल्यूमिनाती संकेत देखे जा सकते हैं।
मस्क को इन ऊँचाइयों तक पहुँचाने में उनकी माँ के "नेटवर्किंग" और एलीट कनेक्शन का बहुत बड़ा हाथ रहा है।
निष्कर्ष यह है कि, मस्क ने कभी शून्य से शुरुआत नहीं की। उसे बचपन से ही पन्नों की खान और एलीट क्लास का समर्थन प्राप्त था।
उसे हर कंपनी में 'धक्का' देकर आगे बढ़ाया गया ताकि वह एक दिन 'आयरन मैन' बनकर आपके सामने खड़ा हो सके।
अगले भाग में (भाग-3): हम उस 'रूस' दौरे का सच खोलेंगे जहाँ मस्क ने "रॉकेट साइंस सीखने" का नाटक किया।
कैसे NASA और In-Q-Tel (CIA की विंग) ने मस्क को अपना प्राइवेट फ्रंट बनाया और उसे अरबों डॉलर की 'सीक्रेट टेक्नोलॉजी' थमा दी?
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