🎭 भाग 4: 'पेपाल माफिया' का उदय और मस्क को 'मसीहा' बनाने की शपथ


​पिछले भाग में हमने देखा कि कैसे eBay और Sequoia Capital के जरिए मस्क की जेब में करोड़ों डॉलर डाले गए।


 लेकिन सिर्फ पैसा काफी नहीं था; मस्क को एक ऐसा 'सिस्टम' चाहिए था जो उसे हर मुश्किल से बाहर निकाले और उसे एक 'अजेय हीरो' के रूप में स्थापित करे।

 यहीं एंट्री होती है—'पेपाल माफिया' की।


​1. क्या है 'पेपाल माफिया'? (The Secret Brotherhood)


​जब पेपाल को बेचा गया, तो उसके जो शुरुआती लीडर्स थे (जैसे पीटर थियल, रीड हॉफमैन, केन हावेरी), वे अलग नहीं हुए। 


उन्होंने एक ऐसा गुप्त गुट बनाया जिसने सिलिकॉन वैली की हर बड़ी कंपनी पर कब्ज़ा कर लिया।


​LinkedIn, YouTube, Yelp, और Palantir—इन सबके पीछे वही लोग हैं जो मस्क के साथ पेपाल में थे।


(​राज की बात) - यह कोई इत्तेफाक नहीं है कि इंटरनेट की हर बड़ी ताकत एक ही ग्रुप के हाथों में है। 


इन्होंने आपस में यह 'शपथ' ली थी कि वे एक-दूसरे को फंडिंग देंगे, एक-दूसरे के झूठ को सच साबित करेंगे और मीडिया के जरिए अपने ही लोगों को 'दुनिया का रक्षक' बनाकर पेश करेंगे।


 एलन मस्क इस माफिया का सबसे चमकदार चेहरा चुना गया।


​2. पीटर थियल (Peter Thiel): मस्क के पीछे का असली 'डार्क मास्टर'


​मस्क की कहानी में पीटर थियल का नाम सबसे महत्वपूर्ण है। थियल सिर्फ एक इन्वेस्टर नहीं है, वह Palantir Technologies का मालिक है।


​Palantir क्या करती है?

 यह कंपनी दुनिया भर का डेटा इकट्ठा करती है और सीधे तौर पर CIA और NSA के लिए 'प्रेडिक्टिव पोलिसी' (भविष्यवाणी करने वाली जासूसी) का काम करती है।


​ पीटर थियल ने ही मस्क को वह 'सुरक्षा कवच' दिया जिससे मस्क के शुरुआती फेलियर (SpaceX के शुरुआती तीन रॉकेट ब्लास्ट) के बावजूद उसे कोई आंच नहीं आई।


 थियल ने ही सुनिश्चित किया कि मस्क को एलीट क्लास की उन गुप्त बैठकों में जगह मिले जहाँ दुनिया की किस्मत लिखी जाती है।


​3. मस्क का बार-बार 'फेल' होना और सरकारी खजाने का खुलना


​SpaceX के शुरुआती तीन रॉकेट लॉन्च पूरी तरह फेल रहे और मस्क कंगाल होने की कगार पर थे (ऐसा हमें बताया गया)। 


किसी भी साधारण कंपनी के साथ ऐसा होता, तो बैंक उसे सड़क पर ले आते। लेकिन मस्क के साथ चमत्कार हुआ।


​चमत्कार या साजिश? 

चौथे रॉकेट के सफल होते ही (जो कि नासा की दी गई तकनीक थी), NASA ने अचानक मस्क को 1.6 बिलियन डॉलर का कॉन्ट्रैक्ट थमा दिया।


(​सवाल) - कोई भी सरकारी एजेंसी एक ऐसी कंपनी पर अरबों डॉलर क्यों दांव पर लगाएगी जिसके पिछले तीन रिकॉर्ड 'जीरो' रहे हों? 


यह पैसा मस्क को बचाने के लिए नहीं, बल्कि 'सरकारी सब्सिडी' के नाम पर एलीट क्लास का पैसा मस्क तक पहुँचाने का एक तरीका था। 


मस्क को 'आयरन मैन' की इमेज देनी थी, और इसके लिए सरकारी खजाना पानी की तरह बहाया गया।


​4. रीड हॉफमैन और मीडिया का नैरेटिव


​पेपाल माफिया के एक और सदस्य रीड हॉफमैन (LinkedIn के फाउंडर) ने मस्क की "मार्केटिंग" की जिम्मेदारी संभाली।


​इन लोगों ने मिलकर यह नैरेटिव सेट किया कि "मस्क अपनी पूरी दौलत इंसानियत को बचाने के लिए दांव पर लगा रहा है।"


(​सच्चाई) - मस्क अपना पैसा नहीं, बल्कि पब्लिक का टैक्स का पैसा (Taxpayers' Money) दांव पर लगा रहा था। 


उसे जो भी अरबों डॉलर की फंडिंग मिली, 

वह या तो सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स थे या उन वेंचर कैपिटलिस्ट्स का पैसा था जो 'एजेंडा 2030' के खिलाड़ी हैं।


​निष्कर्ष यह है कि -'पेपाल माफिया' वह गिरोह है जिसने सिलिकॉन वैली को एक 'एलीट जागीर' में बदल दिया।


 मस्क कोई अकेला योद्धा नहीं है, वह इस माफिया का 'पोस्टर बॉय' है।


 उसे इसलिए खड़ा किया गया ताकि वह अपनी 'कूल' इमेज के पीछे एलीट क्लास के सबसे डरावने इरादों को छिपा सके।


​अगले भाग में (भाग-5): हम चर्चा करेंगे मस्क की उस 'ब्लैक आई' (Black Eye) के बारे में। 


क्या मस्क किसी गुप्त कबीले (Secret Society) का हिस्सा बन चुका है? और क्या है मस्क के उस 'बाफोमेट कवच' का असली राज जिसे पहनकर उसने पूरी दुनिया को चुनौती दी थी?

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